मधुर विहार लेन नम्बर-5, बंजारावाला में जिस जमीन पर किड्जी स्कूल का संचालन किया जा रहा है क्या वह क्रय की गई है या कब्जाई गई है इसकी जांच भी शिक्षा विभाग व प्रशासन द्वारा की जानी जरूरी हैं
आदेश का पालन नहीं करने पर विद्यालय प्रबन्धक/प्रधानाचार्य के खिलाफ दर्ज होगी एफ0आई0आर0
मधुर विहार लेन नम्बर-5, बंजारावाला में चल रहा किड्जी स्कूल होगा बंद
मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ0 मुकुल सती जैसे अधिकारियों की बदौलत ही सूचना अधिकार आज भी जिन्दा है।

देहरादून। माह अप्रैल से शुरू हुए एक लम्बे संघर्ष के पश्चात् आखिरकार जीत सत्य की हुई। अभी हाल ही में हर साल मनाया जाने वाला दशहरा पर्व आम जनमानस को यही शिक्षा देता आ रहा है कि चाहे कोई जितना भी शातिर क्यों न हो एक न एक दिन उसकी लंका का दहन अवश्य ही होता है। यह सब लिखकर मैं आपको यह बताना चाहता हूॅ कि कुछ शातिर लोग किसी न किसी तरह से आम जनता की गाड़ी कमाई को लूटते रहते हैं व सरकार की आंखों में धूल झोकते है। ऐसा ही एक चालबाजी का घटनाक्रम का खुलासा सूचना के अधिकार के माध्यम से हुआ जिसमें मधुर विहार लेन नम्बर-5, बंजारावाला में प्रीति यादव व सोमित यादव द्वारा अवैध रूप से किड्जी नाम से एक स्कूल का संचालन किया जा रहा था। जब कुछ सूत्रों के माध्यम से पत्रकार एवम् सामाजिक कार्यकर्ता बिजेन्द्र यादव को पता चला तो उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जो सूचनाएं मांगी तो उससे यह खुलासा हुआ कि किड्जी स्कूल संचालन के लिये प्रबन्धक/प्रधानाचार्य किसी नियम का पालन नहीं कर रहें है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सूचना के अधिकार से प्राप्त हुए पत्रों से ज्ञात हुआ कि प्रबन्धक/प्रधानाचार्य द्वारा मधुर विहार लेन नम्बर-5 बंजारावाला में जिस किड्जी स्कूल का संचालन किया जा रहा है न तो वह निःशुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एवं नियमावली 2011 में उल्लेखित प्राविधानों के अनुसार विद्यालय बिना मान्यता के संचालित किया जा रहा है। गौरतलब है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एवं नियमावली 2011 के अनुसार विद्यालय संचालन के लिये दिशा निर्देश दिये गये है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 18 की उपधारा (1) के अनुसार किसी भी विद्यालय का संचालन मान्यता का प्रमाण पत्र प्राप्त किये जाने के पश्चात् ही किया जाता हैं। भले ही उसकी किसी से फ्रेंचाइजी ले रखी हो। साथ ही साथ उपधारा (6) में बिना मान्यता प्रमाण पत्र के संचालित विद्यालय के विरूद्ध एक लाख रूपये अर्थदण्ड के साथ-साथ प्रबन्धक/प्रधानाचार्य द्वारा लगातार उल्लंघन करने पर 10 हजार रूपये प्रत्येक दिन के हिसाब से जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा उक्त पत्र के माध्यम से उप शिक्षा अधिकारी रायपुर को विद्यालय का संचालन बंद करने के लिये निर्देशित किया गया है। मुझे यह कहते हुए बड़ा गर्व हो रहा है कि आज सूचना के अधिकार की जो गरिमा बची हुई है वह मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ0 मुकुल सती सरीके अधिकारियों के द्वारा ही बच पाई है।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि सोमित यादव के पिताजी श्री राम यादव एवं माता जी स्व0 मीरा यादव द्वारा न्यू प्रभु निकेतन जूनियर हाई स्कूल के नाम से 43/3, धर्मपुर, माता मंदिर मार्ग से संचालन किया जाता था। जब न्यू प्रभु निकेतन जूनियर हाई स्कूल की शिकायत शिक्षा विभाग में स्कूल के ही स्टाफ द्वारा की गई तो स्कूल में अनेकों अनियमिततायें पाई गई। अनियमितताओं को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 29/5/2014 को विद्यालय की जांच हेतु विद्यालय गये तो विद्यालय बंद पाया गया, विद्यालय के गेट पर चिनाई करके रास्ता बंद कर दिया गया और जांच अधिकारी की जांच में कोई मदद नहीं की गई।
इस प्रकार श्री राम यादव एवम् मीरा यादव द्वारा न्यू प्रभु निकेतन जूनियर हाई स्कूल नामक स्कूल के सभी कमरों में ताले डालकर स्कूल का अतिक्रमण करते हुए विद्यालय को बंद करने की साजिश की गई और स्कूल के सभी अभिलेखों/पत्राजात को अपने कब्जे में ले लिया गया। जिसकी लिखित शिकायत 17/10/2013 को थाना नेहरू कालोनी में भी की जा चुकी थी। इन लोगों की इस प्रकार की प्रवृत्ति को देखते हुए ऐसा लगता है कि किड्जी स्कूल जिस जमीन पर बना हुआ है क्या वह जमीन बकायदा खरीदी गई है या फिर किसी की जमीन पर कब्जा किया गया है। शिक्षा विभाग व प्रशासन से इसकी विधिवत् जांच की मांग की जाती है।

