नवाचार, समावेशन और भारत की प्रगति को गति देते हैं स्टार्टअप

श्री पीयूष गोयल स्टार्टअप इंडिया पहल पूरे देश में एक समग्र और नई सोच वाले इकोसिस्टम के रूप में विकसित हुई है। यह युवाओं की उद्यमशील ऊर्जा को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को तेज करने की दिशा में लगाकर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के मिशन को साकार करने का […]

Continue Reading

परियोजनाओं को समय पर पूरा करने हेतु सक्रिय एवं कारगर निगरानी

  श्री अल्केश कुमार शर्मा बुनियादी ढांचा क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के मुख्य वाहकों में से एक है। गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा बेहतर सेवाओं के लिए निरंतर मांग पैदा करता है। यह क्षेत्र भारत के समग्र विकास को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है और पिछले कुछ दशकों के दौरान भारत की विभिन्न परियोजनाओं के तेज विकास […]

Continue Reading

पंचायत उन्नति सूचकांक: ग्रामीण परिवर्तन के लिए डेटा-आधारित निर्णय लेने को मजबूत करना

सुशील कुमार लोहानी भारत के गांवों में एक शांत लेकिन असरदार बदलाव हो रहा है। महाराष्ट्र की एक पंचायत में “महिला-अनुकूल पंचायत” विषय में कम अंक आने पर सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं, वहीं गुजरात के एक गांव में “स्वच्छ और हरित पंचायत” श्रेणी में कमजोर प्रदर्शन के बाद तेजी से स्वच्छता अभियान शुरू […]

Continue Reading

भारत-जर्मनी सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए संयुक्त आशय घोषणा पर हस्ताक्षर का आईआईटी रुड़की ने किया समर्थन

– संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत-जर्मनी सहयोग को सुदृढ़ करेगा – संयुक्त आशय घोषणा संरचित अंतर-सरकारी सहयोग के लिए रूपरेखा स्थापित करती है – आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान सहभागिता और क्षमता निर्माण को समर्थन देंगे – समझौता स्वच्छ ऊर्जा, आपदा लचीलापन और डिजिटल प्रौद्योगिकियों सहित प्राथमिक […]

Continue Reading

प्रगति पोर्टल: भारत की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने वाला एक गेम चेंजर

– आर.के जैन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) परियोजना आज़ादी के बाद शुरू की गई सबसे महत्वाकांक्षी रेल अवसंरचना योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य माल ढुलाई के लिए उच्च क्षमता और आधुनिक तकनीक से लैस विशेष रेल कॉरिडोर तैयार करना है। इस परियोजना के माध्यम से भारतीय रेल तेज़, सुरक्षित, भरोसेमंद और कम लागत […]

Continue Reading

रोजगार गारंटी में सुधारः भावनाओं के बजाय तथ्यों पर आधारित हो बहस

– श्री शैलेश कुमार सिंह लोकतंत्र में लोकनीति पर सार्वजनिक बहस स्वाभाविक ही नहीं, बल्कि जरूरी भी है। आजीविकाओं (खास तौर से ग्रामीण परिवारों के लिए) को आकार देने वाले कानूनों की कड़ाई से समीक्षा की ही जानी चाहिए। लेकिन इस तरह की समीक्षा नए कानून के प्रावधानों के सावधानी पूर्वक अध्ययन पर आधारित होनी […]

Continue Reading

बड़े पैमाने पर अवसंरचना का विकास : विकसित भारत की डगर पर अग्रसर भारत

  – सुमिता डावरा जीडीपी को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसरों का सृजन करने और अर्थव्यवस्था पर गुणक प्रभाव डालने में अवसंरचना पर व्‍यय के विशिष्‍ट महत्व को पहचानते हुए केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में बुनियादी ढाँचे से संबंधित पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। यह व्यय वर्ष 2014-15 में लगभग 2 […]

Continue Reading

सोमनाथ: अटूट आस्था के 1000 वर्ष (1026-2026)

-नरेन्द्र मोदी सोमनाथ… ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है। द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है। ज्योतिर्लिंगों का […]

Continue Reading

रिफॉर्म एक्सप्रेस 2025: भारत के अगले विकास चरण की शांत लेकिन मजबूत नींव

  हरदीप एस पुरी जैसे-जैसे 2025 अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है, समाचार की बड़ी सुर्खियों पर आसानी से नजर जाती है, लेकिन कुछ बातें छूट जाती हैं, जैसे शासन का शांति से किया जा रहा कार्य – लगातार, सप्ताह दर सप्ताह अड़चनों का निपटारा – सुधार एक्सप्रेस 2025 से मेरा मतलब यही संचयी […]

Continue Reading

भारत के टेक्सटाइल की नई ग्लोबल पोज़िशनिंग

(गिरिराज सिंह) जब हम भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की बात करते हैं, तो हम केवल फैक्ट्री, मशीनों और फैशन की नहीं, बल्कि उन करोड़ों भारतीयों की बात करते हैं, जिनकी ज़िंदगी कॉटन के खेतों, हैंडलूम, पावरलूम और सिलाई मशीनों से जुड़ी है। पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जिस […]

Continue Reading