जल और मिट्टी संरक्षण से कृषि और किसान समृद्धि की ओर

-शिवराज सिंह चौहान (केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री है) जल ही जीवन है और मिट्टी हमारा अस्तित्व, हमारा आधार है। जल और मिट्टी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आज जब पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है, कुएं सूख रहे हैं, नदियों की धाराएं कमजोर हो रही […]

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“सिंधु की पुकार: संप्रभुता की वापसी और गौरव की बहाली”

– श्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री, भारत सरकार मानसून शब्द पूरे भारत में खुशी और गर्व का संचार करता है। यह नवाचार, नवीनीकरण और राष्ट्र के आर्थिक इंजन को तत्काल गति प्रदान करने का प्रतीक है। भारत की भौगोलिक स्थिति, प्रचुर वर्षा के साथ मिलकर, […]

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राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन लोगों के सम्मान को बहाल करता है

भारत के आदिवासी समुदाय, जो कि कुल जनसंख्या का 8.6% हैं, राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत के मूल तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। फिर भी, इन समुदायों के कई व्यक्ति जानकारी के अभाव में सिकल सेल नामक अनुवांशिक बीमारी से जूझ रहे हैं। दशकों से इस बीमारी ने उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास […]

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आम आदमी के क्षितिज को अनुप्राणित करती है भारत की अंतरिक्ष यात्रा

– डॉ. जितेन्द्र सिंह, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); पृथ्वी विज्ञान और प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री इसकी शुरुआत बमुश्किल दिखाई दे रही एक दरार से हुई—जो फाल्कन-9 बूस्टर की प्रेशर फीडलाइन के वेल्ड जॉइंट में छिपी हुई थी। यह अंतरिक्ष उड़ान की […]

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गुरु पूर्णिमा: मानवता को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करने वाला पर्व

भारत की सांस्कृतिक विरासत हमें मानवीय मूल्यों से परिचित कराती है तथा ज्ञान और शाश्वत शिक्षा प्रदान करती है। इसका विविध एवं सर्वव्यापी स्वरूप सामूहिक चेतना को जागृत करता है जिसकी अभिव्यक्ति भारत में मनाए जाने वाले विभिन्न त्यौहारों के रूप में होती है। ये त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं हैं बल्कि ये हमारी […]

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जलवायु क्षेत्र में भारत की ग्यारह वर्षों की प्रगति

भूपेंद्र यादव (केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री) मानव द्वारा उत्पन्न जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पूरी दुनिया में महसूस किए जा रहे हैं। जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (आईपीसीसी) की छठी आकलन रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 2011-20 के दशक में पृथ्वी का तापमान, पूर्व-औद्योगिक काल (1850-1900) की तुलना में […]

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नए भारत की नई कहानी: ग्रोथ मार्केट से ग्रोथ इंजन तक

लेखक : श्री गिरिराज सिंह,वस्‍त्र मंत्री, भारत सरकार एक राष्ट्र की प्रगति केवल उसके आर्थिक सूचकांकों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से तय होती है कि उस विकास से आम जनजीवन में कितनी गरिमा, अवसर और आत्मबल का संचार हुआ है। जब हम आज भारत की ओर देखते हैं, तो यह केवल एक […]

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श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री, भारत सरकार

अतुल्य भारत, अजेय भारत: मोदी युग ने पर्यटन को कैसे नया स्वरुप दिया पिछले दशक में, भारत की पवित्र भूमि को सिर्फ़ देखा ही नहीं गया है – बल्कि इसे फिर से खोजा गया है। पहाड़ अब सिर्फ़ परिदृश्य नहीं रह गए हैं; वे जीवित अभयारण्य हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ के बर्फ से ढके मंदिरों […]

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नारी शक्ति की डिजिटल उड़ान: तरक्की की नई परिभाषा

वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक निर्णायक बदलाव की शुरुआत हुई, तभी से भारत ने डिजिटल प्रगति की एक नई दिशा पकड़ी। इन 11 वर्षों में ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ जैसे जन-केंद्रित अभियानों ने करोड़ों नागरिकों के जीवन को प्रभावित किया है-विशेषकर महिलाओं के लिए यह परिवर्तन आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण […]

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श्रम शक्ति को सशक्त बनाने और भारत को भविष्य के लिए तैयार करने के 11 वर्ष

डॉ. मनसुख मांडविया(केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री) भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है और देश को पूर्णत: विकसित करने के मूल में रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा को रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में नीति, नियोजन और […]

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