अब तेल की तरह ही मूल्‍यवान है कंप्यूट, एआई की दौड़ में जीत हासिल करने के लिएमहत्वपूर्ण है हरित ऊर्जा

कोविड-19 महामारी के बाद के वर्षों में हम तकनीकी इतिहास की सर्वाधिक परिवर्तनकारी क्रांतियों में से एक : उपयोगी, सार्वभौमिक और असीमित कृत्रिम आसूचना (एआई) के उदय के साक्षी बने। इस नए एआई युग से उत्पन्न होने वाली प्रौद्योगिकी, अवसंरचना और आर्थिक अवसरों को सुरक्षित करने की दिशा में वैश्विक स्‍तर पर दौड़ जारी है। […]

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प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय विरासत को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाया

जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मानमोदी सरकार ने बिरसा मुंडा, रानी कमलापति और गोंड महारानी वीर दुर्गावती जैसे जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया है। खासी-गारो, मिजो और कोल विद्रोह जैसे आंदोलनों, जिन्होंने भारत के इतिहास को स्वरुप प्रदान किया है, को भी मान्यता दी गई है। भोपाल में हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी […]

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आईएफएफआई: संस्कृतियों का जुड़ाव, सिनेमा की दिग्गज हस्तियों का सम्मान, भविष्य को आकार

(लेखक श्री चैतन्य के प्रसाद – डीएफएफ के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक व आईएफएफआई के महोत्सव निदेशक हैं) 55वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) 20 से 28 नवंबर, 2024 के दौरान गोवा के मनोरम तट पर सिनेमाई उत्सव की एक नई छटा बिखेरने को तैयार है। इस वर्ष का यह महोत्सव महज फिल्मों की एक प्रदर्शनी […]

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प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने “ग्लेशियल झीलों के फटने से उत्पन्न बाढ़ (जीएलओएफ) के जोखिम के न्यूनीकरण की रणनीति” पर आयोजित चौथी सीओडीआरआर कार्यशाला में समापन भाषण दिया

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने हमारे समुदायों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए ग्लेशियल झीलों से जुड़े जोखिमों के न्यूनीकरण पर प्रकाश डाला। डॉ. मिश्रा आज यहां जीएलओएफ (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड) जोखिम न्यूनीकरण के लिए रणनीतियों पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण समिति (सीओडीआरआर) की चौथी कार्यशाला में बोल रहे […]

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‘Ratan Tata’s patriotism shone brightest in times of crisis’

It has been a month since Shri Ratan Tata Ji left us. From bustling cities and towns to villages, his absence is deeply felt across every segment of society. Seasoned industrialists, budding entrepreneurs and hardworking professionals mourn his loss. Those passionate about the environment and devoted to philanthropy are equally saddened. His absence has been […]

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पेंशन भोगियों के लिए आयोजित होगा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 3.0

देहरादून: पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय,भारत सरकार, केंद्र सरकार के पेंशन भोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए फेस ऑथेन्टिकेशन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नवंबर, 2024 में राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 3.0 आयोजित कर रहा है। फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक एक ऐसी तकनीक […]

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राष्ट्र के सुरक्षित डिजिटल भविष्य की दिशा में कदम

भारत में, दूरसंचार की उपयोगिता लोगों को जोड़ने से कहीं बढ़कर है। यह एक ऐसा महत्वपूर्ण उपकरण भी है, जो विकास के हाशिए पर रहने वाले लोगों के उत्थान का काम करता है। पिछले एक दशक में, देश में डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारी विकास हुआ है। दुनिया में सबसे सस्ते डेटा दरों के […]

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सड़क निर्माण में संधारणीयता

लेखक श्री धर्मानंद सारंगीमहानिदेशक (सड़क विकास) औरविशेष सचिव,सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय बिदुर कांत झानिदेशक (नवीन प्रौद्योगिकी),सड़क परिवहन और राजमार्गमंत्रालय देश के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए सड़कों का ऐसा बुनियादी ढांचा बनानाआवश्यक है जो मजबूत हो और परिवर्तन को वहन करने में सक्षम हो। सड़कों का बुनियादी ढांचासुरक्षा, विभिन्न सामग्रियों की आपूर्ति में दक्षता […]

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एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बेलेम, ब्राजील में जी-20 की डीआरआरडब्ल्यूजी की मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 30 अक्टूबर से 1 नवंबर, 2024 तक बेलेम, ब्राजील में आयोजित जी-20 की आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह (डीआरआरडब्ल्यूजी) की मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की सक्रिय भागीदारी के कारण से आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) पर पहली […]

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राष्ट्र निर्माण के लिए सामाजिक सुरक्षा उपाय बढ़ाना

द्वारा: डॉ. मनसुख मांडविया(केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री, भारत सरकार) राष्ट्र निर्माण के लिए सामाजिक सुरक्षा निस्संदेह आवश्यक है। आर्थिक स्थिरता, मानव पूंजी विकास, कार्यबल की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक नीतियों के समर्थन जैसे कई प्रमुख कारणों से, विशेष रूप से श्रमिकों के संबंध में इसकी विशेष आवश्‍यकता है। बेरोजगारी, […]

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