पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल: श्री महाकाल सेवा समिति ने 4 तुन के पेड़ों को ट्री गार्ड से कराया मुक्त

Uttarakhand

देहरादून। पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के स्वास्थ्य को बचाने के उद्देश्य से कार्यरत श्री महाकाल सेवा समिति ने अपनी जनहितकारी मुहिम के तहत आज गढ़ी कैंट क्षेत्र में महेन्द्रा पार्क के सामने स्थित 4 तुन के पेड़ों को ट्री गार्ड से मुक्त कराया। समिति की इस पहल को स्थानीय लोगों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सराहा।
समिति के अध्यक्ष रोशन राणा ने बताया कि उनकी संस्था पिछले तीन वर्षों से वृक्ष संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान चला रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन पेड़ों को लोहे के जाल (ट्री गार्ड) और अन्य बाधाओं से मुक्त कराना है, जो समय पर हटाए न जाने के कारण उनके विकास में रुकावट पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आने वाले तेज आंधी-तूफानों में अक्सर सड़क किनारे खड़े बड़े-बड़े पेड़ गिर जाते हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण पेड़ों का कुपोषण और उनकी जड़ों तक पर्याप्त हवा एवं पानी का न पहुंच पाना है। पेड़ों में बैनर-पोस्टर लगाने के लिए लोहे की कीलें ठोंकना, वर्षों तक ट्री गार्ड न हटाना तथा सड़कों के किनारे सीमेंट से पूरी जमीन पाट देना भी पेड़ों के कमजोर होने की बड़ी वजह है।
रोशन राणा ने बताया कि समिति ने इन समस्याओं को देखते हुए पेड़ों को ट्री गार्ड से मुक्त कराने का संकल्प लिया है और निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज गढ़ी कैंट क्षेत्र में चार तुन के पेड़ों को लोहे के जाल से मुक्त कराया गया, जिससे उनके प्राकृतिक विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके।
इस अवसर पर शनि मंदिर के डॉ. सुशांत राज का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने समिति द्वारा किए जा रहे पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
कार्यक्रम में समिति के गौरव जैन, राहुल माटा, विक्रम चौधरी, हिमांशु कोटनाला एवं अनुष्का राणा ने सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
समिति ने नागरिकों से अपील की कि वे वृक्षों को प्रकृति की अमूल्य धरोहर मानते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित पर्यावरण मिल सके। 🌳🌿
“पेड़ बचेंगे, तभी पर्यावरण बचेगा और पर्यावरण बचेगा, तभी भविष्य सुरक्षित होगा।”

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