- दूरदर्शी साझेदारी के जरिए भारत के ऑटोमोटिव क्षेत्र में क्रांति लाना
- परिवर्तनकारी पहल: ऑटोमोटिव अनुसंधान के भविष्य की ओर अग्रसर
- नवाचार को सशक्त बनाना: विकसित भारत में आईआईटी रूड़की की भूमिका
- शिक्षा और उद्योग को जोड़ना: अनुसंधान और विकास का गठजोड़
- एएआरटीआई का अनावरण: ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी में एक नया युग
- भविष्य के प्रणेताओं को गढ़ना: कौशल विकास के प्रति आईआईटी रूड़की की प्रतिबद्धता
- दृष्टिकोण से वास्तविकता तक: भारत को एक वैश्विक विनिर्माण पावरहाउस बनाना
- नवाचार को बढ़ावा देना: टेक-फॉरवर्ड इंडिया के लिए ऑटो और संबद्ध क्षेत्रों में डीपटेक स्टार्टअप को बढ़ावा देना
दिल्ली, भारत – 13 मार्च, 2024
आज एक ऐतिहासिक क्षण है जब भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रूड़की एक साथ मिलकर एक परिवर्तनकारी पहल की स्थापना की घोषणा कर रहे हैं जो विकसित भारत की भावना और उसके लक्ष्य को परिलक्षित कर रहा है। वैसा भारत, जिसकी परिकल्पना माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत की है।
समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित यह समारोह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से आईआईटी रूड़की में एक उद्योग त्वरक की स्थापना के साथ-साथ ऑटोमोटिव और संबद्ध अनुसंधान और प्रौद्योगिकी नवाचारों (एएआरटीआई) पर उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना की शुरुआत का प्रतीक है।
इस साझेदारी का उद्देश्य ऑटोमोटिव और संबद्ध अनुसंधान क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ ही नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप और उद्योगों के लिए एक मंच प्रदान करना और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।
भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रूड़की के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने भी शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने तकनीकी उत्कृष्टता और आर्थिक समृद्धि की दिशा में उत्तराखंड को आगे बढ़ाने की परिकल्पना को मूर्त रूप देते हुए इस साझेदारी को सुविधाजनक बनाने और पोषित करने के लिए पूर्ण समर्थन देने का वादा किया।
इस कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ महेंद्रनाथ पांडे ने कहा कि, “ऑटोमोटिव क्षेत्र हमारे देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है, और इस सीओई की स्थापना इस क्षेत्र के लिए नवाचार, कौशल विकास और तकनीकी प्रगति हासिल करने में एक महत्वपूर्ण प्रगति होगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज की घोषणा ‘विकसित भारत’ की दिशा में हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण है। इस उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना करके, हम नवाचार को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि आइए, हम एक साथ मिलकर एक ऐसे भविष्य को आकार दें जहां हमारे युवा तकनीकी प्रगति और आर्थिक समृद्धि को आगे बढ़ाने में नेतृत्व करेंगे। यह सब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत संभवन हो पा रहा है।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने कहा, “जैसा कि आईआईटी रूड़की और भारी उद्योग मंत्रालय इस महत्वपूर्ण अवसर पर एक साथ आये हैं, हम नवाचार और प्रगति की यात्रा पर निकल पड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम इस साझेदारी को सुविधाजनक बनाने और पोषित करने के लिए अपना पूरा समर्थन देने का वादा करते हैं। हम एक साथ मिलकर उत्तराखंड को तकनीकी उत्कृष्टता और आर्थिक समृद्धि की ओर ले जाने की कामना करते हैं, जो हमारे राज्य और राष्ट्र के लिए एक उज्जवल भविष्य की नींव रखेगा।”
यह अभूतपूर्व प्रयास आईआईटी रूड़की की मजबूत अनुसंधान क्षमताओं को उजागर करता है, जो इसे ऑटोमोटिव क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की भारत की क्षमता को बढ़ाने में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाता है। इसके अतिरिक्त, सीओई के भीतर नियोजित उद्योग त्वरक एक ऐसा वातावरण तैयार करेगा जो प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण और स्टार्टअप के विकास में नवाचार का समर्थन करता है, जो ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण को साकार करने में मदद करेगा।

