भारत के युवा और गतिशील स्टार्टअप्स द्वारा किसान ड्रोन का विकास तरल उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए एक प्रभावी और कुशल तकनीक प्रदान करता है। मिनटों में एक एकड़ कृषि भूमि पर छिड़काव करने की क्षमता अपने खेतों में घंटों मेहनत करने वाले किसानों के लिए वरदान साबित हुई। अपने पास अधिक खाली समय होने से, किसान अपनी कमाई बढ़ाने और अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए अधिक उत्पादक कार्यों में लग सकते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य महिलाओं को सशक्त बनाना और देश के विकास में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाना है। उन्होंने 30 नवंबर को विकसित भारत संकल्प यात्रा में लाभार्थियों के साथ बातचीत के दौरान नमो ड्रोन दीदी का प्रारंभ स्वयं किया। इसका उद्देश्य आसान वित्तीय समाधान प्रदान करके कृषि उद्देश्यों के लिए किसानों को किराये पर ड्रोन उपलब्ध कराना है। इसके लिए नमो ड्रोन दीदी के तहत 15,000 चुनिंदा महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को ड्रोन प्रदान किया जा रहा है। यह अनूठी पहल न केवल किसानों को तरल उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन आसानी से उपलब्ध कराएगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण समृद्धि में भी योगदान देगी। यह भारत के ड्रोन वैमानिकी को बढ़ावा देगा और ड्रोन निर्माण स्टार्टअप को विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने में मदद करेगा। यह देश के दूरदराज के इलाकों में ड्रोन पायलटों और ड्रोन मैकेनिकों के लिए रोजगार उद्यम बनाकर महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और साथ ही ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।
प्रभावी संवाद किसी भी नई पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। 15 नवंबर, 2023 से शुरू हुई देशव्यापी विकसित भारत संकल्प यात्रा में ड्रोन एक प्रमुख आकर्षण बन गए हैं। यात्रा के दौरान सभी राज्यों में 50,000 से अधिक ड्रोन प्रदर्शन हुए हैं। इन प्रदर्शनों ने किसानों के भीतर अपनी खेती में इस नई उच्च स्तर तकनीक को अपनाने के लिए रुचि जगाई है।

