एक अच्छे वक्ता होने पर आपके सफल होने की संभावना बढ़ जाती है- डॉ.दिव्या नेगी घई

Uttarakhand

देहरादून-  डीएवी पीजी कॉलेज के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में यूथ रॉक फाउंडेशन की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यूथ रॉक फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में “कम्युनिकेशन एवं सॉफ्ट स्किल्स, जीवन और व्यवसाय में उनका महत्व ” के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई है! यूथ रॉक फाउंडेशन की संचालिका डॉ दिव्या नेगी घई ने इस कार्यशाला को संचालित किया एवं छात्र-छात्राओं से जुड़े हुए जीवन के पहलुओं एवं उनके कैरियर में आवश्यकता अनुसार स्किल डेवलपमेंट के ऊपर विस्तार पूर्वक से अपनी बात रखी।। डॉ दिव्या नेगी घई छात्र छात्राओं को 10 सूत्रीय कार्य प्रणाली अपनाने के लिए कहा एवं कहा कि अगर आप इन 10 चीजों को अपने जीवन में आत्मसात कर लेते हैं तो आपको पीछे मुड़कर कभी देखना नहीं पड़ेगा एवं सफलता की ओर आप निरंतर बढ़ते रहेंगे।

10 सूत्रीय कार्यप्रणाली में मुख्य रुप से सम्मिलित स्किल्स के अंतर्गत कम्युनिकेशन स्किल्स, टीमवर्क, डिसीजन मेकिंग स्किल्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स, एंपैथी, टाइम मैनेजमेंट, क्रिएटिविटी, डेलिगेशन, ट्रस्टवर्थनेस एवं क्रिटिकल थिंकिंग शामिल है। डॉ दिव्या नेगी घई ने कहा कि जनसंचार एवं संचार प्रणाली हमारे लिए बहुत जरूरी है एवं जो व्यक्ति अपना कम्युनिकेशन स्किल दुरुस्त कर लेता है उसे जीवन में सफल होने में ज्यादा देर नहीं लगती। हर वह सफल व्यक्ति जिसका कम्युनिकेशन स्किल अच्छा है आप देख सकते हैं कि वह अपने कैरियर में बहुत ऊपर तक जाता है चाहे वह कैरियर राजनेताओं की हो, सामाजिक कार्यकर्ताओं की हो, एंटरप्रेन्योर्स की हो या फिर कारपोरेट जगत में काम कर रहे बड़े-बड़े सीईओ को ही आप देख ले सभी लोगों ने अपने कम्युनिकेशन स्किल में महारत हासिल करी है एवं अधिक से अधिक लोगों को अपने जीवन में प्रभावित किया है। हमारे छात्र जीवन में यह सही वक्त होता है जब हम अपने कुछ स्किल्स को सुधार कर जीवन में आगे बढ़ सकते हैं यह वह वक्त होता है जब हम अपने कोई एक क्षेत्र में स्किल प्राप्त कर उसमें महारत हासिल कर सके और अधिक से अधिक लोगों को प्रभावित कर सके। डॉक्टर दिव्या नेगी घई ने अपने डीएवी के छात्र दिनों को याद करते हुए कई बार भावुक भी हुई एवं कहां कि हमने दुनिया को टक्कर देने की कुब्बत है और एक बार अगर छात्र जीवन में आप कोई भी चीज ठान लो तो उसे कर गुजरने की जिद्द होनी चाहिए और यही जिद आपको जीवन में सफल बनाती है। मैं डीएवी के एलुमनाई होने के नाते आप सभी को हर संभव मदद करने के लिए तैयार हु एवं हमारा यूथ रॉक फाउंडेशन का यही संकल्प है कि हम जितना हो सके उत्तराखंड के युवाओं को आगे बढ़ा सके, उनके अंदर स्किल डेवलपमेंट कर सके ताकि हमारे युवा हमारे समाज को आगे बढ़ा सकें।

इस कार्यशाला में डॉ. के.आर.जैन प्राचार्य, डॉ. ओनिमा शर्मा आईक्यूएसी प्रमुख, कार्यशाला की समन्वयक डॉ. मोनिशा सक्सेना एवं डॉ. अर्चना पाल एनसीसी समन्वयक आदि मौजूद रहे।

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