सामुदायिक रेडियो सामग्री चुनौती, ‘32 क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ में से एक है। इस पहल के तहत 32 चुनौतियों में से प्रत्येक को कौशल का परीक्षण करने और युवाओं को एनीमेशन, गेमिंग, ईस्पोर्ट्स, कॉमिक्स, फिल्म निर्माण आदि जैसे विविध क्षेत्रों में एक प्रतिष्ठित मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है! सामुदायिक रेडियो सामग्री चुनौती का उद्देश्य, सामुदायिक रेडियो स्टेशनों द्वारा प्रसारित विविध कौशल और विशिष्ट आवाजों को उजागर करना तथा उन्हें नए प्रारूपों, शैलियों और कहानी कहने की तकनीकों के साथ प्रयोग करने के लिए प्रेरित करना है। इससे सामुदायिक रेडियो के लिए ज्ञान साझा करने, एक-दूसरे से सीखने और संपर्क बनाने के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। यह चैलेंज उन कार्यक्रमों को मान्यता देगा और पुरस्कृत करेगा जो अपने समुदायों में वास्तविक बदलाव लाते हैं। इस चुनौती के लिए प्रविष्टियां पांच श्रेणियों से मांगी गई हैं-सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा, शिक्षा और साक्षरता, महिला और बाल विकास/सामाजिक न्याय, कृषि और ग्रामीण विकास तथा सांस्कृतिक संरक्षण। प्रतिष्ठित मीडिया हस्तियों और सीआरएआई के प्रतिनिधियों सहित विशेषज्ञों का एक पैनल इन प्रविष्टियों का मूल्यांकन करेगा, प्रतिभागियों की सूची बनाएगा और अंततः विजेताओं का चयन कर उन्हें पुरस्कृत करेगा।

इसके अलावा, सीआरएआई, वेव्स आयोजन के दौरान क्रिएटोस्फीयर में एक सामुदायिक संपर्क क्षेत्र स्थापित करेगा। इस सामुदायिक संपर्क क्षेत्र का उद्देश्य सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के मूलभूत सिद्धांतों और विभिन्न समुदायों के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान को प्रदर्शित करना है। सामुदायिक संपर्क क्षेत्र के प्रमुख तत्व हैं-सामुदायिक रेडियो स्टेशन संग्रह प्रदर्शन फ्लिप बुक, सीआरएस इंडिया मानचित्र या रेडियो गार्डन, एक लाइव रेडियो सेट अप और एक न्यूज़लेटर।
सामुदायिक रेडियो स्टेशन संग्रह प्रदर्शन करने वाला फ्लिप बुक एक आकर्षक, इंटरैक्टिव फ्लिप बुक है जिसमें पूरे भारत में सामुदायिक रेडियो स्टेशन पहलों का एक व्यापक संग्रह होगा। उपस्थित लोग इस डिजिटल संग्रह को ब्राउज़ करके सामुदायिक रेडियो के उभरते परिदृश्य को समझ सकते हैं तथा स्थानीय और क्षेत्रीय आख्यानों को आकार देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका और सफलता की कहानियों के बारे में जान सकते हैं।
देश भर में सक्रिय सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की स्थिति को दर्शाने के लिए भारत का एक बड़ा, इंटरैक्टिव मानचित्र प्रदर्शित किया जाएगा। वैकल्पिक रूप से, रेडियो गार्डन अवधारणा का उपयोग किया जाएगा, जहां आगंतुक भारत के विभिन्न हिस्सों से प्रसारित विभिन्न सामुदायिक रेडियो स्टेशनों को वर्चुअल रूप से देख और सुन सकेंगे। इससे आगंतुकों को सामुदायिक रेडियो स्टेशनों द्वारा प्रस्तुत आवाजों और मुद्दों की विविधता को समझने में मदद मिलेगी।
वेव्स सामुदायिक रेडियो सामग्री चुनौती से उत्पन्न नवीनतम घटनाक्रम, गतिविधियों और पहलों को दर्शाने वाला एक न्यूजलेटर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के सामने आने वाली रचनात्मक चुनौतियों और उनकी प्रतिक्रियाओं पर विचार शामिल होंगे। यह न्यूजलेटर आगंतुकों को रेडियो प्रसारण के रुझानों और समुदाय-संचालित नवीन कार्यक्रमों के बारे में नई जानकारी देती रहेगी।
सामुदायिक रेडियो में उनके असाधारण योगदान के लिए सामुदायिक रेडियो स्टेशन पुरस्कार विजेताओं का सम्मान करने के लिए एक विशेष स्थान निर्धारित किया जाएगा। इस जगह पर सामुदायिक रेडियो स्टेशनों, निर्माताओं और स्वयंसेवकों की प्रोफाइल प्रदर्शित की जाएगी जिन्होंने समाज पर अपने प्रभाव के लिए पुरस्कार जीते हैं। दृश्य प्रदर्शन और मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों के माध्यम से उनकी कहानियों को प्रस्तुत किया जाएगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, जनजातीय कल्याण, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण आदि क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो के प्रभाव पर जोर दिया जाएगा।
एक मनोरंजक अनुभव प्रदान करने के लिए, जोन के भीतर एक लाइव रेडियो सेट अप स्थापित किया जाएगा, जहां आगंतुक रेडियो कार्यक्रम प्रस्तोता, सामुदायिक प्रसारकों के साथ बातचीत कर सकेंगे और लाइव चर्चाओं में भाग ले सकेंगे। इस व्यवस्था से आगंतुकों को उसी समय के प्रसारण में भाग लेने, प्रश्न पूछने, अनुभव साझा करने और सामुदायिक रेडियो के क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने का अवसर मिलेगा।
“मन की बात” श्रृंखला को प्रदर्शित करने के लिए समर्पित एक अनुभाग में सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के माध्यम से प्रसारित एपिसोड दिखाए जाएंगे। यह संकलन आगंतुकों को उन प्रमुख प्रकरणों को सुनने का अवसर प्रदान करेगा, जो विविध समुदायों को प्रभावित करते हैं, तथा महत्वपूर्ण मुद्दों, राष्ट्रीय उपलब्धियों और पहलों को प्रतिबिंबित करते हैं। ऐसे प्रसारणों ने आम जनता को कैसे जोड़ा है तथा स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाया है इस पर ध्यान दिया जाएगा।
देश भर के 530 से अधिक सामुदायिक रेडियो भी 1 से 4 मई 2025 के बीच वेव्स में विचार-विमर्श में भाग ले रहे हैं।
सामुदायिक रेडियो के साथ जुड़ने से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि महानगरों और टियर 1 शहरों से परे अन्य क्षेत्रों के समुदायों में प्रतिभा और उत्साह की कोई कमी नहीं है। वेव्स का उद्देश्य, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में ऐसे सभी प्रयासों के कौशल और क्षमता को सामने लाना और उन्हें जुड़ने तथा सहयोग करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करना है। आशा है कि इस पहल का अंतिम लाभ उन समुदायों को मिलेगा जिनका प्रतिनिधित्व ये रेडियो स्टेशन करते हैं!
डॉ. बृजेन्द्र सिंह पंवार एक वरिष्ठ पत्रकार हैं और वर्तमान में एम.एस. पंवार संचार एवं प्रबंधन संस्थान, सोलन के निदेशक तथा 16 वर्ष पुराने ‘हमारा एमएसपीआईसीएम सामुदायिक रेडियो’ सोलन के स्टेशन निदेशक हैं।
सुश्री निकिता जोशी (आईआईएस 2019) वर्तमान में भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो, मुंबई में सहायक निदेशक के पद पर तैनात हैं।

